रे मनचल अमरपुर देश
जहां न होता कोई क्लेश
सदा मिलता विवेक ही विवेक
रहता ना माया लवलेस
माया नगरी में दुख हजार
जन्म लेता बारंबार
नहीं कोई रास्ता जाने का भवपार
अज्ञानी निकल न पाता आर पार
रे मन......
सद्गुरु बताता वो डगर
चलना पड़ता संभल संभल
ज्ञानी चलता एकदम अटल
वही पार पाता भव जल
रे मन.....
उमर रहते कर गुरु खोज
जो बतावें मुक्ति का ठोर
तरुण साधना कर चल ओर जहां होता हरदम इंजोर
रे मन........
शुक्रवार, 5 जनवरी 2018
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
“O Romeo” Movie Review & Story Breakdown – A Fresh Romantic Drama for Today’s Audience
Indian cinema continues to experiment with youth-centric love stories, and O Romeo is one such film that brings a blend of romance, modern...


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
kumartarunyadav673@gmail.com