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रविवार, 19 जनवरी 2020

जनवरी 19, 2020

मैं हूँ बिहार ,मैं हूँ बिहार

मैं हूँ बिहार, मैं हूँ बिहार
मत करो स्वाभिमान पर प्रहार
मेरे गले खुशियों के सजी हार
मेरा हैं  शक्तिशाली परिवार ।।1।।

बोद्ध,जैन मेरे से प्रकट हुए
पूरी दुनिया शांति ज्ञान दिये,
शून्य दिया दुनिया को हार
मैं हूँ बिहार, मैं हूँ बिहार ।।2।।

बाल्मीकि, विश्वामित्र, गौतम
इनकी साधना भी विशालतम
कर्ण, गुरु गोविन्द की ललकार
हां वही मैं हूँ बिहार,मैं हूँ बिहार।।3।।

जीवक,पाणिनि,और आर्यभट्ट
इनकी कथा भी बड़ा दिलचस्प,
मेंहीं,विद्यापति,दिनकर मेरे दुलार
हां वही,मैं हूँ बिहार मैं हूँ बिहार ।।4।।

मुझे मत तुम ललकार खबरदार
मुझसे लिए कई वीर योद्धा अवतार
चंदगुप्त मौर्य,अशोक जैसे महराज
कर दिया पूरा विश्व में जयजयकार,
हां गर्व से, मैं हूँ बिहार, मैं हूँ बिहार ।।5।।

✍✍✍तरुण यादव रघुनियां
👉अच्छा लगे तो कमेंट्स देना ना भूलियेगा


सोमवार, 13 जनवरी 2020

जनवरी 13, 2020

नीतीश कुमार के NRC पर पंच

टीवी और मीडिया चैनलों पर अब नीतीश कुमार छाए हुए हैं पहले टीवी और मीडिया वाले नीतीश कुमार पर कर रहे थे यह केवल चुपचाप सुन रहे हैं कुछ भी बयान नहीं दे रहे हैं क्यों और अंत में उत्तरा ही गया प्यारे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का वह भी प्रशांत किशोर के बार-बार बयान देने के बाद पहले तो ऐसा लगने लगा था कि जिस तरह से कैब पर समर्थन किया चाहे लोकसभा हो चाहे राज्यसभा हो फिर उसके बाद चुप हो जाना फिर प्रशांत किशोर का अपना बयान को तवज्जो नहीं देना फिर पार्टी से उसको साइड लाइन के रास्ते लाना फिर 2020 का इलेक्शन की चिंता इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फिर मुस्लिम वोट को ध्यान में रखते हुए आखिर राजद को बगल करने के लिए नीतीश कुमार ने अपना एनआरसी का पंचनामा ठोकर ही डाला जबकि इस पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एनपीआर का उद्घोषणा भी किया तो इसका सपोर्ट किया गया लेकिन बाद में वही मुख्यमंत्री साहब कहते हैं कि अब इस पर सोचा जाएगा मंथन किया जाएगा आखिर पीके का जीके पढ़ने लगा एनके चलो अब बिहार का विकास कुछ भी हो लेकिन पीके का जीके मंत्रा का गुण केकई को काम आया और उसी राह पर अब तो देखना होगा बीजेपी क्या करती है क्योंकि बीजेपी कभी हार में कोई खास चेहरा नहीं है खास चेहरा नहीं रहने के कारण मजबूरी में नीतीश कुमार को सपोर्ट करना पड़ रहा है लेकिन यह कब तक और आरजेडी भी नीतीश कुमार के लिए मुहावरे हैं लेकिन क्या बिहार की राजनीति फिर करवट लेती नजर आ रही है तो फिलहाल तो संशय की स्थिति उत्पन्न है और इसका एक्सेंट बीजेपी के नेता के बाद ही आएगा लेकिन एक बात तो तय है एनपीआर तो लागू होगा ही एनआरसी का पता नहीं लेकिन बीजेपी की मुश्किल बढ़ती जा रही है जबकि एनपीआर जो भी घमासान चल रहा है वह सभी घमासान का एक ही जगह है वह है कैब और एनआरसी बिहार का कई नेता चाहे बीजेपी को चाहे जदयू का हो कैब के समर्थन में तो नजर आते हैं केवल प्रशांत किशोर बगल नजर आते हैं और यह कांग्रेस की तरफ से बयान देते हैं और इस मोह में अब धीरे-धीरे नीतीश कुमार भी फंसते जा रहे हैं लेकिन सत्ता सुख के लिए किधर अपनी पार्टी का करवट को लेकर जाते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा पॉलिटिक्स ही बताएगा लेकिन 2020 के इलेक्शन के बाद प्रशांत किशोर का बिहार की राजनीति में दखल ना मंजूर होगा और हो सके तो बिहार के पॉलिटिक्स से उसका चैप्टर भी गौन हो सकता है। बिहार की राजनीति हमेशा से कमजोर रही है जातिवाद हावी रहा है वंशवाद हावी रहा है लेकिन इस सब से उठकर के किसी अलग राह पर बिहार की जनता को बढ़ना चाहिए चाहे नीतीश कुमार हो चाहे आरजेडी हो चाहे बीजेपी हो इन सभी को छोड़कर के खास करके यहां की युवा को एक अलग राह पकड़ना चाहिए। नहीं तो इसी तरह से बिहार के नेता अपना कार्य करते रहेंगे अपना कलाबाजारी चलाते रहेंगे फिर वही एनपीआर एनआरसी सी ए ए का मुद्दा लेकर के घूमते रहेंगे जनता को उल्लू बनाते रहेंगे और अपना राजनीतिक रोटी सेकते रहेंगे और जनता को डराने से जनता का अपना खुद ही नुकसान होता है इसे जनता का बहुत ही भला होता है इसलिए जनता को अब सोच समझकर कदम उठाना चाहिए बिहार में पुनः एक राजनीति का कारण का दौर शुरू होने जा रहा है और यह कुछ दिन रहेगा और फिर सिमटकर राजनीति की कड़ी को जोड़ना प्रारंभ करेगा और फिर 2020 का इलेक्शन जोर-शोर से शुरू होगा और दांव पर लगाकर बिहारी पॉलिटिशियन अपना राजनीतिक रोटी को गर्म करेंगे और इसी तरह उल्लू बनाते रहेंगे बिहार के विकास को क्या नया आकार दिया यह तो सभी जानते हैं किस तरह से पलटी मारते हैं इसी का बखान देसी यादव करते हैं और उसके बाद बीजेपी भी करते हैं लेकिन फिलहाल तो यही नजर आ रहा है नीतीश कुमार के एनआरसी पर बहुत भयंकर पंच मारने का प्लान पीके के जीके के अनुसार करने का सोच रखा है

बुधवार, 8 जनवरी 2020

जनवरी 08, 2020

मत पूछो भैया नेता का चाल

मत पूछो भैया इंडियन नेता का चाल गिरगिट के रंगो जैसे करता है कमाल।।1।। चुनाव में हीरो जैसा ही करता धमाल बस फिर 5साल खाते जनता का माल।।2।। चुनाव में कहते शिक्षा सुरक्षा स्वास्थ्य कौन करते जीतने के बाद मुलाकात ।।3।। भैया मत पूछो आज नेताओं की जात हर रैली में करता सिर्फ गाली की बात ।।4।। चापलूस की बात सुन कान पक गए जाति धर्म की बात कर हमें लड़ा गए।।5।। भैया "तरुण" कहते सुनो काम की बात जनता को फंसाने नेता बिछाते विसात ।।6।। ✍✍✍✍तरुण यादव रघुनियां 👉अच्छा लगे तो कमेंट्स देना ना भूलियेगा

शनिवार, 23 नवंबर 2019

नवंबर 23, 2019

नेताजी ने किया प्रोमिस

नेताजी ने किया प्रोमिस मैंने भी कर दिया है विश जिस दिन से जीतकर गए समझो पत्नी को छोड़ पति परदेश गए।। अब नहीं सुचना नहीं कोई संदेश केबल टीवी पर समाचार पत्र में दिखता बड़ा-बड़ा फेस, दिन-रात कर रहा है ऐश ।। अब तो पहचान ने से करते हैं इनकार बोली में भरा है अहंकार का टन कार, वोट के वक्त करते थे बार-बार प्रणाम अब तो पूछ रहे हैं क्या है तेरा नाम।। नेताजी अब नहीं पछताऊंगा इस टर्म के बाद अब नहीं जीताऊंगा आप से करता हूं प्रॉमिस अगले इलेक्शन में डिस्मिस।।

बुधवार, 5 जून 2019

जून 05, 2019

क्या देश में मोदी विपक्षी को बौना दे बना दिया

2019 का चुनाव बीत चुका है रिजल्ट भी घोषित किया जा चुका है और इसके साथ मोदी सरकार भी बन गया अब यहां पर सोचने वाली बात है कि विपक्ष के लिए भी उतना संख्या नहीं है जो विपक्ष का दर्जा हासिल कर ले कांग्रेस के पास सिर्फ 52 सांसद है अभी और उसको सांसद की जरूरत है कांग्रेस पार्टी का मानना है जब तक मेरे पास 55 सांसद नहीं हो जाते तब तक मैं भी पक्षी का दर्जा नहीं मांगेंगे और इसके लिए मैं हमेशा प्रयास करता रहूंगा और देश की अच्छाई और भलाई के लिए एक विपक्ष की तरह भूमिका निभाता रहूंगा यह तो कहने मात्र से रह गया कब तक में विपक्षी का दर्जा प्राप्त करता है यह तो आने वाले समय बताएगा लेकिन जिस तरह से हिंदुस्तान की जनता ने मोदी में अपना पूरा विश्वास दिखाया कि पूरा विपक्ष को बोना बनना पड़ गया या ऐसे कह सकते हैं कि हिंदुस्तान में सारे विपक्षी पार्टी को मोदी ने बोना बना दिया अब यहां पर बात यह है कि आखिर सभी विपक्षी पार्टी बोना क्यों बन गए इनका एक ही कारण है कि विपक्षी में एकता नहीं सभी में अपने अपने पद की लोग और आकांक्षा भरी हुई है और देश हित सर्वोपरि नहीं रहने के कारण जनता ने उसे ही सर्वोपरि पद से हटा दिया जबकि एक संविधान को और एक देश को चलाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों का ताकतवर होना जरूरी है अगर ऐसा नहीं हो तो इससे देश को सतर्क रहना चाहिए जबकि यह सारा ठीकरा विपक्षी पार्टी की गलती पर फोड़ा गया जिस तरह से विपक्षी पार्टी ने सेना के शौर्य पर सवाल उठाया और अपने भतीजे भांजे के प्यार में विपक्ष का दर्जा भी हासिल नहीं कर पाया परिवारवाद और वंशवाद के कारण विपक्षी पद भी हासिल नहीं कर पाया और विपक्षी पार्टी को इस साल शब्द को सोचना पड़ेगा और उस पर मंथन करके निर्णय लेना पड़ेगा और एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए जरूरी है लेकिन कुंठित भाव आपसी वैमनस्यता और अय्याशी प्रवृत्ति को छोड़ कर के देश हित सर्वोपरि हो ऐसा बात सोच कर के कार्य करें संसद को चलने में सहायता करें और अच्छे कार्य में सरकार का सपोर्ट करें अगर कहीं पर कमी दिखाई दे तो उसका पुरजोर विरोध करें लेकिन जो कार्ड देशहित में है अगर उसका विपक्षी विरोध करता है तो बाद में वही मोदी सरकार फिर जनता के सामने मुद्दा उठाएगा और विपक्ष को फिर विपक्षी बनने का भी मौका नहीं मिलेगा इसलिए यह मौका है विपक्षी को विपक्षी बनने का और इस अवसर का लाभ पूरा पूरा उठाएं विपक्षी वरना नहीं तो अगले चुनाव में विपक्षी को साफ होना पड़ जाएगा जो देश के लिए बहुत ही खतरनाक होगा इसलिए सभी विपक्षी दलों को इस बात पर मंथन करना होगा कि देश हित पर कार्य करें देश ही पर सोचे और अपने अंदर जो व्यवस्था का भाव है उसे खत्म करें अगर ऐसा नहीं करते हैं तो धीरे-धीरे जितने भी विपक्षी पार्टी है सभी का कैरियर चौपट हो जाएगा और जनता सभी को नकार देगी क्योंकि हिंदुस्तान की जनता पूरे विश्व में सबसे अधिक है लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदार में सबसे अधिक हिंदुस्तान के ही जानता है और यहां की जनता पर पूरा दुनिया की नजर रहती है और हिंदुस्तान की जनता में वह ताकत है जो पूरा विश्व को हिला सकती है तो फिर अगर देश के विपक्षी पार्टी गलत कार्य करें तो उसको कैसे छोड़ देंगे उसको तो रसातल पहुंचा ही देंगे इसलिए विपक्षी दल को आपसी रंजिश को भुला कर के देश हित में कार्य करने का प्रयास करें नहीं तो मोदी सरकार बोना तो बना दिया है विपक्ष को और पूरी तरह से बना देगा जो बाद में फिर खड़ा होने के लायक भी नहीं छोड़ेगा अब आगे मुद्दा है कश्मीर का और मेरा सोच है कि कश्मीर मुद्दा पर सभी विपक्षी दलों को एक होकर के कश्मीर के हक में जो बात है उस पर निर्णय लेने में सरकार का पूर्ण रूप से सपोर्ट करें चाहे परिसीमन का मामला हो चाहे धारा 370 या 35a का मामला हो इस पर जो सुदृढ़ निर्णय होता है उस पर विपक्षी का भी एक दायित्व बनता है कि उसका साथ दें और गलत है उसका उसको बताएं अन्यथा सपोर्ट करें नहीं तो जनता ने इसी मुद्दा के कारण मोदी को साथ दिया है इस पर विपक्षी ने आनाकानी किया तो अगले चुनाव में विपक्ष का नाम ही नहीं बचेगा इसलिए हिंदुस्तान की जनता से खेलने की कोशिश नहीं करें आज के नेता बहुत जल्दी ही सदन का कार्रवाई शुरू होने वाला है लोकसभा का सत्र प्रारंभ होने वाला है और इसमें पक्ष और विपक्ष का दायित्व बनता है कि जनता की पैसा को बर्बाद किए बिना जनता के हक में जो निर्णय होता है उसको ले समय की बर्बादी नहीं करें क्योंकि हिंदुस्तान को विश्व में सबसे आगे बढ़ना है अगर विश्व में सबसे आगे बढ़ना है तो पक्ष और विपक्ष दोनों को साथ मिलकर आगे काम करना होगा जो देश हित में हो आज एक देश में आर्थिक वृद्धि की समस्या है बेरोजगारी की समस्या है और अनेक तरह से समस्याओं से ग्रसित है और इस समस्या से लड़ने के लिए सरकार और विपक्ष आपस में एक होकर के इस सारे समस्या को खत्म करें और जम्मू कश्मीर में जो परिसीमन का मुद्दा चल रहा है उस पर अगर विपक्ष सपोर्ट करता है वहां पर परिसीमन होता है तो अन्य राज्य के तुलना में यह राज भी अच्छा होगा और यहां पर जो यह पत्थरबाज है अलगाववादी है आतंकवादी है इस तरह की समस्या पर अधिकांश लगाम जरूर लगेगा क्योंकि कश्मीर में ज्यादा विधानसभा सीट रहने के कारण वहां पर जो नेता का वर्चस्व रहा है अधिकांश महबूबा परिवार और अब्दुल्ला परिवार का और परिसीमन होने से इन दोनों का राजनीतिक कैरियर चौपट हो जाएगा जिससे वहां का विकास भी होगा जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान के मुख्यधारा में जुड़ जाएगा और जो अलगाववादी है आतंकवादी है उस पर पूर्ण रूप से लगाम लगेगा इसलिए आशा करते हैं कि विपक्षी दल एक साथ मिलकर के और साथ साथ में सरकार भी अपना निष्पक्ष तौर पर पक्ष रखते हुए जम्मू कश्मीर में परिसीमन का काम करें और जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35a को खत्म करने का जल्द से जल्द निर्णय लें जिससे जम्मू कश्मीर का पूर्ण रूप से विकास होगा और आतंकवाद खत्म होगा जिससे हमारा अपना देश का गौरव बढ़ेगा और देश में शांति आएगा अगर इस पर भी विपक्ष राजनीति करता ही रहेगा अपनी राजनीतिक कैरियर बचाने के लिए तो उसको कोई नहीं बचाने वाला है कि विपक्ष का दर्जा भी मिले क्योंकि तब जनता के बीच में जाकर के मोदी बता देगा यह देश के हित से खिलवाड़ कर रहा है और फिर जनता उसको बना बना देगा अर्थात मोदी देश में विपक्ष को बना बना देगा फिर कभी उठने का मौका नहीं मिलने वाला है सिर्फ यही मौका है इस मौका को विपक्षी दल नहीं गवाएं और इसका लाभ उठाएं यही जाकर के आगे मैं साथ देने वाला है

बुधवार, 29 मई 2019

मई 29, 2019

बिहार में युवा की उपेक्षा कब तक

एक बात पर अब सबको विचार करना होगा की बिहार की विकास की यात्रा में सब भागीदार हो कैसे बिहार में युवा की उपेक्षा कब तक जारी रहेगी आप आज अनेकों प्रतिष्ठान को देख लीजिए सभी जगह उम्र दराज बैठे हुए हैं युवा को कहीं भी तवज्जो नहीं दिया जा रहा है जबकि युवा के पास अनेकों तरह का प्रतिभा विद्यमान है लेकिन पुराने ख्यालात के बुजुर्ग लोग आज भी अपना मुंह को नहीं छोड़ना चाहते हैं बात करें राजनीतिक तो आज बिहार के अधिकांश पार्टी में बुजुर्गों का ही कब्जा है युवा को नाममात्र चिन्ह के रूप में दिखाया जाता है और कोई तवज्जो नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण आज बिहार की युवा मुख्यधारा से काफी पीछे हैं चाहे वह रोजगार के मामले में हो चाहे विकास के मामले में हो जाए आत्मनिर्भरता के मामले में हो इन सब के कारण आज के अय्याशी प्रवृत्ति के जो व्यक्ति सत्ता में बैठे हैं उसके कारण हो रहा है आखिर इस तरह की समस्या का हल कब होगा इस इलेक्शन में एक बात तो साफ हो गया कि एक तरह से निर्णायक भूमिका अब युवा भी निभा रहे हैं जब युवा अपना प्रतिभा दिखा रहे हैं तो फिर उसकी अपेक्षा क्यों किया जा रहा है क्यों नहीं सभी राजनीतिक पार्टी युवा को प्रोत्साहित कर रहे हैं जबकि युवा को एक वोट का जरिया बना करके फिर बेरोजगारी में धकेल दिया जाता है ऐसा क्यों आज के बिहार के युवा को इस तथ्य पर मंथन करना पड़ेगा कि क्या मैं केवल वोट बैंक तक ही सीमित रहूंगा क्या मैं एक छोटे कुए की अंदर मेंढक की तरह सुमित रहूंगा इससे आगे कैसे बढे इसके लिए तो कोई अलग से तर्क तो सोचना पड़ेगा अगर नहीं सोचते हैं तो यह आज की वर्ण व्यवस्था आज की पॉलीटिकल बस था आज की शिक्षा व्यवस्था आज की प्रतियोगिता व्यवस्था सब जगह बुजुर्गों ने पुराने ख्यालात के निर्वाहन को निभाते चले आ रहे हैं इससे कैसे आगे बढ़ा जाए आज पूरा विश्व आधुनिक दौर से गुजर रहा है आधुनिक तकनीक से गुजर रहा है आधुनिक विकास की ओर अग्रसर है तो फिर बिहार में युवाओं की अपेक्षा कब तक होगी इसकी उपेक्षा कब तक होती रहेगी और इसके लिए जिम्मेवार कौन हैं और इसके जिम्मेवार को कैसे बदला जाए इन सब बातों को एक ही लोग समझ सकते हैं वह आज के बिहारी युवा और उसको अब आप मंथन करना होगा कि क्या बिहार के हर परिदृश्य में हर परिक्षेत्र में क्या पुराने ख्यालात के विचार वालों का ही कब्जा रहेगा अब उससे अपना अधिकार मांगना नहीं छीन ना होगा और युवाओं को आगे बढ़ना होगा अगर शिथिलता के कारण बैठे रहेंगे तो बिहार में हक मिलने वाला जिस तरह से इलेक्शन में युवा अपने सोच के अनुसार सरकार चुनने में अहम भूमिका निभाते हैं उसी तरह अवसर कार में बैठ कर के देश को आगे बढ़ाने का कार्य करना होगा और पुराने ख्यालात वाले व्यक्ति को पुराने जगह पर लौट आना होगा सम्मान सहित और नए ख्यालात का स्वर आगे की ओर थिंकिंग करना होगा इन सबके लिए आज बिहार की युवा को दृढ़ इच्छाशक्ति और पहुंच और धान की बड़ी आवश्यकता है इसलिए युवाओं को एक अलग संगठन बनाकर के और बिहार के राजनीति में अपना हक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ें और पुराने क्षेत्र को खाली कराएं तभी जाकर के बिहार में युवा की उपेक्षा जो हो रही है वह खत्म होगी और नए नए रोजगार उत्पन्न होंगे और हर घर रोजगार होगा सभी शिक्षित होंगे सभी सकुशल रहेंगे और समाज उन्नति करेगा बिहार उन्नति करेगा अगर बिहार उन्नति किया तो देश में बिहार का नाम रोशन होगा और फिर देश का भी नाम रोशन होगा

मंगलवार, 28 मई 2019

मई 28, 2019

बिहार में जातिवाद खत्म होने की ओर

2019 का चुनाव पूरा असमंजस भरा हुआ था और इस असमंजस में था कि अबकी बार पूरा बिहार गठबंधन के हाथ में होगा यहां तक कि मैं भी कन्फ्यूजन में था कि अबकी बार महागठबंधन बाजी मारेगा या एनडीए लेकिन मन में एक रोज शुरू से ही है कि बिहार में जातिवाद और परिवारवाद का जड़ बहुत गहरा है जो बिहार के हर समाज को हर बड़ों को खोखला कर दिया है और बिहार के विकास की गाड़ी को अवरुद्ध कर दिया है बिहार में ऐसे भी युवा हैं जो चाहते हैं इस क्षेत्र में आने के लिए अपना योगदान देने के लिए लेकिन परिवारवाद जातिवाद के कारण वह दवा ही रह जाता है आगे नहीं बढ़ पाता है अर्थात आगे उसको बढ़ने नहीं दिया जाता है इसके लिए जो जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं उसको कुचल देते हैं उसके लिए चाहे उसको जो भी हथकंडा अपनाना पड़े वह अपना लेते हैं और इस तरह जातिवाद का बोलबाला आज तक अपने हाथों में थमा हुआ था लेकिन 2019 में उन सब को थमा दिया और जातिवाद और परिवारवाद पर करा चोटिया जबकि परिवारवाद एक तरह से अवसरवादी ता को जन्म देते हैं और खास करके अब गांधी परिवार कांग्रेस परिवार को देख लीजिए तो कुछ ज्यादा बढ़ावा दिए हैं लेकिन यह 2019 एक सबक देकर गया कि अब परिवारवाद का जमाना खत्म जातिवाद का जमाना खत्म विकासवाद की जवाना शुरू जो रोजगार दे विकास की बात करें और संप्रदायिक ताकतों को दबाने की कोशिश करें उसके साथ बिहार अब रहेगा क्योंकि अब अधिकांश सामाजिक परिवेश के लोग भी जागरूक हो चुके हैं शिक्षित हो चुके हैं और सबों ने निर्णय लिया कि इस बार क्यों ना यह जो बना है महागठबंधन जिसे पराया महा हठ बंधन कहा जाता है इस को रोका जाए और देश को नेतृत्व करने के लिए मजबूत इरादे वाले मजबूत कार्य करने वाले दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाले एक योग सरकार दिया जाए उर्स में बिहार के हर वर्ग के हर जाति के हर धर्म के लोग ने निस्वार्थ भाव से जो कदम उठाया वह बहुत ही सराहनीय है और यह एक तरह से उन लोगों को आईना दिखाने के काम करेगा जो कह रहा था कि बिहार में जातिवाद खत्म नहीं होगा परिवारवाद खत्म नहीं होगा तो कम से कम अब बिहार में जातिवाद खत्म होने की ओर ऐसा आप महसूस कर सकते हैं यह 2019 के लोकसभा चुनाव के इलेक्शन के रिजल्ट के बाद अब बात साफ हो गया और बिहार के अधिकांश युवा रोजगार ढूंढ करके अपना घर गिरस्ती बसाने में लग जाते हैं और नेता ऊपर से चाबुक चला कर के रस मलाई खाते रहते हैं और राज का हमेशा से शोषण करते आ रहे हैं जबकि इसके विरोध में युवा को आगे कदम बढ़ाना होगा जब बिहार के हर वर्ग के लोग जातिवाद को खत्म करने की ओर अग्रसर हो गए हैं तो इसमें अधिकांश भूमिका आप को मानना पड़ेगा कि युवा कड़ा क्योंकि युवा अब चाहता है कि बिहार से अच्छा नेतृत्व हो और जातिवादी व्यवस्था को लगाम लगाया जाए विकासवादी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाए और यह हद तक हम सब ने मिलकर किया आगे यह देश के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत बनेगा

गुरुवार, 23 मई 2019

मई 23, 2019

मोदी का 300 पार पाकिस्तान में हाहाकार

चुनाव का दौर खत्म हुआ वोटिंग का दौर खत्म हुआ और एग्जिट पोल का दौर शुरू हुआ और उस एग्जिट पोल में एनडीए को पूर्ण बहुमत तो दिखाया है और इसके साथ साथ बीजेपी को 300 का पार शीट दिखाया और जैसे ही मोदी को 300 पार पाकिस्तान में मच गया हाहाकार इलेक्शन से पहले पाकिस्तान एक धारणा मन में पाल रखा था धारणा यह था कि अबकी बार मोदी हार जाएगा और कांग्रेस की सरकार आएगी और मैं मनमर्जी काम करूंगा आतंकवादी भेजूंगा और फिर बात के लिए जबरन प्रयास करूंगा लेकिन हिंदुस्तान की जनता ने सोचा कि अगर मैं दूसरा पार्टी को चुन लूंगा यह पाकिस्तान अपना कायराना हरकत से बाज नहीं आएगा इसलिए इसको अगर कोई मजा चखा सकता है तो वह मोदी ही सिखा सकता है क्योंकि मोदी है तो हर काम मुश्किल नहीं है हर काम मुमकिन है और क्योंकि मोदी ने जो चुनाव लड़ा वह देश की जनता के नाम लड़ा चुनाव की पार्टी के बदौलत मोदी हर इलेक्शन कैंपेन में एक बात का हमेशा फोकस कर रहा यह हिंदुस्तान की जनता चुनाव लड़ रहा है मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं और 23 मई को जैसे ही गिनती का कार्यक्रम शुरू हुआ तो 300 का पाठ जब काटा शो किया तो पाकिस्तान में हाहाकार मचेगा जबरन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को दबी जुबान तले ट्विटर के माध्यम से बधाई देना पड़ा और अब पाकिस्तान में मातम का दायरा छा गया है कि अब 5 साल अगर हम पाकिस्तान से आतंकवादी भेजेंगे तो हमको सर्जिकल स्ट्राइक का सामना करना पड़ेगा और 5 साल तक अब हमको जो है सर उठा कर के जीने का मौका नहीं मिलेगा क्योंकि फिर मोदी आ गया है और इसीलिए तो 23 तारीख से पहले ही पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार और सेना प्रमुख ने सब गुप्त रूप से मीटिंग किया कि अब क्या होगा मोदी आ रहा है और मोदी 300 के पार कर जाएगा और इतना सोच सोच कर के पाकिस्तानी ग्रुप में आ चुका है और आकार मची भी क्यों नहीं क्योंकि मोदी है यह घर में घुसकर मारता है आतंकवादी के ठिकाने को तबाह करता है और हिंदुस्तान की जनता कभी भी सर नीचा करके नहीं जीने के लिए सिखा है इसलिए वह ऐसा प्रधानमंत्री चुना जो कि पूरा देश के सर को गर्व से ऊंचा करके रखें और यह काम मोदी ही कर सकता था इसलिए मोदी को चुनाव चाहे 300 के पार हो अगर जरूरी परे तो 400 भी पार कर सकते हैं लेकिन पाकिस्तान को अब समझना पड़ेगा हिंदुस्तान की जनता की सोच बदल चुकी है अब पाकिस्तान को बदलने की जरूरत है और आतंकवादी पर कार्रवाई करने की जरूरत है और आतंकी फैक्ट्री को खत्म करने की जरूरत है और इसीलिए हिंदुस्तान की जनता ने चुना है अगर पाकिस्तान ने आतंकवादी को खत्म नहीं किया तो मोदी उसे खत्म कर देगा यह भली-भांति पाकिस्तान जान चुका है इसलिए पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है अब मेरा जो एजेंडा था वह नहीं चल पाएगा और इसी के रूम में दुम हिला रही थी महबूबा मुफ्ती जिसको हिंदुस्तान की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया और खाता भी नहीं खुलने दिया और इससे एक फायदा और होगा बलूचिस्तान में राष्ट्रवादी विचारधारा पड़ेगा और मोदी जी को इसका सपोर्ट करना चाहिए और उसको एक राष्ट्र बनने में सपोर्ट करना चाहिए और वह आगे देखने के लिए मिलेगा तो यह बात अब आगे देखने लायक होगा लेकिन पाकिस्तान के अलावा अन्य देश में भी हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि मोदी आ गया है

मंगलवार, 21 मई 2019

मई 21, 2019

मोदी हैं तो मुमकिन है

जिस तरह से किसी रोगी को दवाई देने पर उसको उसका दुख दूर हो जाता है उसी तरह से देश की रक्षा सुरक्षा के लिए मोदी का यह मंत्र देश में सूट हो गया की मोदी है तो मुमकिन है बात भी सच है क्योंकि जब पहले विदेशी आक्रमण होता था तो हमारा सरकार हाथ पर हाथ धर के बैठा रहता था और डर से परास्त रहता था कि अगर हम आक्रमण करेंगे तो वह भी आक्रमण करेगा इस तरह की भ्रांति अगर कोई खत्म किया वह मोदी जी ने ही खत्म किया उन्होंने बता दिया कि भारत में वह शक्ति है वह जज्बा है और वह सामर्थ है जो दुनिया को हिला सकता है दुनिया को झुका सकता है और वह जो काम नहीं होने वाला था वह भी हो सकता है और ऐसा विश्वास दिलाने वाला देश को कौन व्यक्ति पैदा हुआ तो वह मोदी हुआ इसलिए तो कहा गया है "मोदी है तो मुमकिन है" अनेकों प्रचार में चाहे कोई भी कार्यक्रम क्यों ना हो तो वहां पर सब कुछ तो ठीक है लेकिन जैसे ही मोदी है तो मुमकिन का नाडा लगता सभा में जोश से भर जाता और बात भी हद तक सही है जिसे चाहे पक्ष में हो चाहे विपक्ष में हो अंदर की जुबान से भीतर ही भीतर सब स्वीकार करते हैं और इस से लोहा लेने से प्रत्यक्ष रूप से सब कतराते हैं क्योंकि और के पास कोई मुद्दा नहीं है ऐसा वफादार वाला कार्ड भी नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके अरे कार्ड हुए 2014 से 2019 तक में जो इतिहास को परिवर्तन करने वाला है और दुनिया को एक नई दिशा निर्देश देने का काम क्या है और पूरा विश्व में भी लोहा माना है 2019 में ही भारत में अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व शक्तिशाली का दर्जा प्राप्त किया और उसका नेतृत्व करता खुद मोदी जी इसके से सन में जितने भी कार्ड हुए सभी कार्ड धाकड़ करें और यहां तक कि चीन और पाकिस्तान जो कट्टरपंथी रवैया अपनाया था उसको भी झुकना पड़ा मसूद अजहर के मामले में क्योंकि उसको भी पता था कि मोदी है तो मुमकिन है और हिंदुस्तान में आएगा तो मोदी ही आएगा ऐसा विश्वास दुनिया को था तो फिर हिंदुस्तान वासी कैसे मोदी को छोड़ सकता था इसलिए इसको एक मंत्र का रूप दिया और पूरा हिन्दुस्तानी ने यही मंत्र जाप किया पूरा भरोसा किया और उसको सफलता की ओर बढ़ाया आज वह उसी रास्ते की ओर अग्रसर है भारत में इलेक्शन कैंपेन चल रहा था और विदेशी सरकार इन्हें पुरस्कारों की झड़ी लगा रहा था इस सब के पीछे एक ही कारण था हिंदुस्तान के जनता पर विदेशी सरकार अंतरराष्ट्रीय सरकार अंतरराष्ट्रीय मीडिया को पता था कि हिन्दुस्तानी लोग कभी कमजोर नहीं होते हैं और हिन्दुस्तानी लोग कमजोर लोग को नहीं सुनते हैं वह हमेशा शक्तिशाली जैसा कार्य करते हैं तो ऐसे में वह अपने देश का नेतृत्व मोदी को ही देंगे अर्थात उसी के लिए यह कार्य मुमकिन है और वही कर जो भी सकता है और आगे 2019 के बाद आप लोगों को एक बात के लिए पूर्णता स्वस्थ हो जाना चाहिए की हिंदुस्तान भी संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थाई सदस्य बनेगा यह 135 करोड़ हिंदुस्तान वासी का सपना है और इसे मुमकिन करने का काम मोदी जी करेगा और चीन को पढ़ते हुए एशिया का नंबर वन और शक्तिशाली देश भारत बनेगा
मई 21, 2019

क्या फिर मोदी सरकार

19 मई से पहले चारों ओर टीवी मीडिया पत्रकार नेता सब का बयान बाजी छाप रहे थे चारों ओर नेता की कोलाहल की आवाज सुन रहे थे जैसे ही सातवां चरण का वोटिंग खत्म हुआ अब मीडिया पत्रकार चिल्लाना शुरू कर दिया है और उसमें अधिकांश मीडिया पत्रकार ने यहां तक की दवा कर दिया है कि अब मोदी सरकार बनने वाला है पता नहीं इन सब को यह आंकड़ा कहां से आता है जबकि इससे पहले इलेक्शन का अगर आप देख ले अधिकांश फ्लॉपी रहा है चाहे दिल्ली का चुनाव हो चाहे 3 स्टेट का इससे पहले चुनाव हो यामहा कर्नाटक का चुनाव आप देख सकते हैं कि मीडिया के तुरंत उलट-पुलट हो जाता है फिर भी अभी मौसम है अपना टीआरपी बढ़ाने का और इस टीआरपी बढ़ाने के चक्र में सीट बढ़ा ना तो बाजी बनता है और अगर नहीं बढ़ाएंगे तो टीआरपी कैसे बढ़ेगा चलिए सरकार तो 23 मई फकके बाद बनेगा 23 मई को तो पता चल जाएगा किसका सरकार बनेगा और वर्तमान में मीडिया के अनुसार एग्जिट पोल के अनुसार तो सलमान लिए हैं कि आएगा तो मोदी ही अब एक बात यहां पर गौर करने वाला है अधिकांश मीडिया यूपी महाराष्ट्र पंजाब हरियाणा गुजरात मध्य प्रदेश उत्तरांचल बिहार पर जो सर्वे किए हैं और सब सर्वे किए हैं कि यहां पर इंडिया को औसत सीट मिलने वाले अगर सीट में इजाफा होता है वह बंगाल और उड़ीसा में अगर ऐसा होता है तो हिंदी पट्टी में जो सीट का कमी होगा उसका भरपाई हो सकता है जिस तरह से एग्जिट पोल मीडिया सर्वे दिखा रहे हैं तो इससे लगभग लगभग लग रहा है कि फिर एक बार मोदी सरकार ही आ रहे हैं और इसी के क्रम में आपको एक बात बताना रहता हूं कि यूपी में सपा बसपा के गठबंधन से इंडिया को बहुत ही क्षति का सामना करना पड़ा जहां पिछले इलेक्शन में 71 72 सीट आया था इस इलेक्शन में 36 का आंकड़ा दे रहा है अर्थात आधा कर दिया गया अगर वहां पर कांग्रेस सपा बसपा एक साथ आ जाते तो कहीं बीजेपी का खाता भी खुलवा और संभव हो जाता ऐसा मीडिया लो अनुमान लगा रहे हैं बात रहा बिहार का बिहार में भी हर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला रहा जिसके कारण इंडिया को पैदा होते दिख रहा है और बंगाल में बीजेपी और TMC अब आ गए हैं यह देखना होगा कि बी 42 सीट वाले बंगाल में कौन अपना दबदबा दिखा पाते हैं लेकिन एक बात तो तय है अबकी बार वहां पर जो बीजेपी का एक सीट था वहां पर 12 सिर दिखाया जा रहा है किसी-किसी दिखाया जा रहा है और इसी तरह का आंकड़ा उड़ीसा में भी दिखाया जा रहा है गुजरात में एक सीट कम करके पूरा सीट पर कब्जा करने का रिकॉर्ड दिखाया जा रहा है और ऐसे ही हरियाणा में भी और इसी तरह से छत्तीसगढ़ राजस्थान में भी दबदबा कायम रहने की संभावना है यह तो मीडिया का अपना हुआ बयान बाजी मीडिया का अपना टीआरपी इसके अंदर तह में जाकर सोचे क्या हद तक ऐसा सही हो सकता है तो इसका आंसर यही होगा कि विपक्षी में एकता नहीं होने के कारण और कोई मुद्दा नहीं रहने के कारण और बेवजह से मजा मुद्दा उछाल करके खुद फंसने के कारण विपक्षी को आज सब जगह शीत में कमी का सामना करना पड़ रहा है वस्तुत और हकीकत 23 मई को कुछ भी हो चाहे पूर्ण बहुमत आए या पूर्ण बहुमत नहीं आए चाहे जोड़-तोड़ करके कुछ भी हो लेकिन सभी आशंकाओं को दूर करते हुए एक बात पूरा तय हो चुका है कि जहां तक की सभी क्षेत्र के मीडिया चाहे वह पक्ष की सराहना करने वाले हो या विपक्ष की सराहना करने वाले हो सबके मन में एक बात तो घर कर दिया है क्या फिर मोदी सरकार दबे जुबान जरूर वह भी अब इसका समर्थन कर रहे हैं 23 मई को रिजल्ट जो भी आए लेकिन सभी पक्ष विपक्ष दबे जुबान से एक ही बोली बोल रहे हैं क्या फिर मोदी सरकार तो दबे जुबान कहता है शायद मोदी है तो मुमकिन है बात ज्यादा असर कर गया है अब देखते हैं 23 मई को तब तक आप लोग मीडिया का टीआरपी बढ़ाने के लिए मीडिया का हौसला बढ़ाने के लिए देखते रहिए सुनते रहिए और आनंद उठाते रहिए

बुधवार, 1 मई 2019

मई 01, 2019

मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित पाकिस्तान का मुंह काला

आज01-05-2019 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया गया और इसमें तीन देश का सबसे अहम रोल रहा फ्रांस अमेरिका और ब्रिटेन 4 बार से चीन मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने में रोड़ा अटका रहा था जो आज तो उस पर कुछ नहीं बोला जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1267 सदस्य की कमेटी ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया और अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होते हैं भारत के राजदूत संत राष्ट्र संघ में अकबरुद्दीन ने लिखा कि सभी समर्थन देश सभी छोटे-बड़े देश जो समर्थन किया सभी का हम आभार प्रकट करते हैं और उसके बाद पूरे हिंदुस्तान में खुशी की लहर दौड़ गया पुलवामा हमला करने वाले आतंकी को आज सजा मिला आज थोड़ा सा हिन्दुस्तानी को ठंडक मिला और यहां तक कि पाकिस्तान का मुंह काला हुआ और जिस तरह से चीन आतंकवादी को बचाने का कार्य कर रहा था आज उसको भी बेबस होकर के मुंह पर ताला लगाना पड़ गया एक तरह से कह सकते हैं कि यह भारत की हम कूटनीतिक जीत है जिसमें चीन को भी हामी भरना पड़ गया क्योंकि चीन को भी पता है इसके बाद फिर मोदी ही आने वाले हैं जिसके डर से चीन ने उस पहले ही आतंकी घोषित करने के प्रति अपना व्यक्त कर दिया यह वही आतंकवादी है जो कंधार में ले गए थे हाईजैक करके इंडियन एयरलाइंस को और पाकिस्तान में शरण ले लिया था आज पाकिस्तान पूरी तरह से बेनकाब हो गया और जब मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने का दावा क्लियर हो गया है तो अब वह किसी भी देश में यात्रा नहीं कर सकता है किसी भी देश का कोई भी वाहन का सवारी नहीं कर सकता है कोई खरीद बिक्री नहीं कर सकता है सभी तरह से उस पर प्रतिबंध लग गया है यहां तक कि पाकिस्तान में भी स्वतंत्र रूप से घूम नहीं सकता है और यह हिंदुस्तान के लिए और मोदी सरकार के लिए हम जीत है और तो और मोदी के लिए एक हथियार और मिल गया है अब वह अपने विरोधियों को इसी बयान से और इसी बात से मात देने की कोशिश करेंगे क्योंकि इससे पहले विरोधी दल का रहे थे कि अभी तक मसूद अजहर को आतंकी घोषित नहीं करा पाया इस की विदेश नीति पूरी तरह से विफल रहा अब उसको जवाब देने में बहुत अधिक क्षमता होगी और इससे बोर्ड को भी अपने में अधिकांश होगा फिर आशा करते हैं कि चीन और पाकिस्तान को भारत के सामने झुकना पड़ेगा 2019 से लेकर के 24 तक के बीच में चीन हिंदुस्तान पूरी तरह से झुक जाएगा
मई 01, 2019

फिर मोदी सरकार

आज अधिकांश देश के मीडिया को पूरा विश्वास हो गया है कि मोदी सरकार आने वाले हैं इसी क्रम में चीन के सरकारी मीडिया न्यूज़ पेपर में साफ-साफ कह दिया है कि फिर फिर मोदी का सरकार ही बनेगा और यहां तक कि मोदी से दुबारा द्विपक्षीय वार्ता के लिए जिमपिंग और मोदी के संबंध वार्ता का भी जोर शोर से तैयारी चल रहा है इस बात से साफ है कि अबकी बार मोदी सरकार फिर अबकी बार मोदी सरकार यह इतना विश्वास चीन के अखबारों को मीडिया को कैसे हो गया तो यह बात सोचने वाली है किसी भी देश में किसका सरकार बनेगा उसका हावभाव विदेशी मीडिया बहुत पहले ही लगा लेते हैं 2014 में साफ-साफ विदेशी मीडिया कह रहा था कि मोदी सरकार ही आएगा और अंतर्गत वा वा भी वही मोदी सरकार ही आया अब चीन की अखबार जो दबा कर दिए हैं इससे साफ जाहिर होता है कि मोदी सरकार फिर आएगा 23 मई का इंतजार करना पड़ेगा चीन के अखबार ने यहां तक कह दिया है की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे गा तो बात साफ है अगर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उड़ेगा तो मोदी सरकार मोदी सरकार आया तो हिंदुस्तान का छवि में चार चांद लग जाएगा और हमारे देश का ग्रोथ पहले से ज्यादा और बढ़ेगा और हिंदुस्तान का शक्ति का लोहा पूरी दुनिया मानेगा इसी क्रम में चीन में जब सम्मेलन हो रहा था तो रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी समझ लिए हैं और समझ गए हैं कि फिर मोदी ही आने वाले हैं उसको दुखी नहीं करना चाहिए तो इसी क्रम में उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने तक से भी मना कर दिया क्योंकि अगर मिलेंगे तो मोदी सरकार नाराज हो जाएगा इससे तो बात साफ है की अब की बार जो मोदी सरकार आएगा तो पूरा विश्व में हिंदुस्तान का नाम छा जाएगा और सब जगह हिंदुस्तान हिंदुस्तान ही बोलते नजर आएगा इसलिए सशक्त देश के लिए सशक्त सरकार के लिए बहुत जरूरत होती है और वह हिंदुस्तान की जनता चुनने के लिए जा रही है जबकि पूर्ण विश्वास है और इसी आधार पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया स्कोर साफ-साफ कह भी रहे हैं और वार्ता के लिए अपना रोड में भी तैयार कर रहे हैं और हमको लगता है आगे चलकर चाहे कश्मीर मुद्दा हो चाहे चाइना से मुद्दा हो चाहे पाकिस्तानी मुद्दा हो चाहे बांग्लादेशी मुद्दा हो चाहे आतंकवादी मुद्दा हो चाहे घुसपैठ का मुद्दा हो सभी का समाधान हो सकता है ऐसा मेरा मानना है अब आगे क्या होता है वह तो आगे आने वाले समय में ही पता चल जाएगा लेकिन अब की बार यानी फिर मोदी सरकार धन्यवाद

शनिवार, 27 अप्रैल 2019

अप्रैल 27, 2019

मोदी का रोड शो

 जिस तरह वाराणसी में मोदी जी ने रोड शो किया वह एक तरह से ऐतिहासिक है और इतना ही नहीं 2014 के तुलना में कहीं ज्यादा है रिलेटेड रहा आपको एक बात जान करके बहुत खुशी होगी इस बार जो है मोदी के प्रस्तावक में भी लगभग धूम उसके बाद आदिवासी वैज्ञानिक और खुद प्रकाश सिंह बादल भी शामिल हुए अपने सभी विपक्षी दलों को साथ ला करके जिस तरह से वाराणसी में रोड शो का नजारा दिखाया अपना नामांकन दर्ज कराएं यह एक ऐतिहासिक रहा और यह 2019 का बहुत ही टैलेंटेड सोडा और इस शो को देखकर के यूपी से लेकर के अनेक स्थानों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है इसका नजारा आप इस बात से लगा सकते हैं उस रोड शो इतना भव्यता  दिखाया गया था इतना अभी तक कोई नेता किया है जब बात आया मोदी का तो उन्होंने इस शो के माध्यम से यह जाहिर कर दिया कि मैं हूं हिंदू हृदय सम्राट बाद बाकी सिर्फ ढोंग रचते हैं बात भी हद तक सही ही है अधिकांश लोग सिर्फ ढूंढ सकते हैं फिर उसके बाद मुंबई में जो हुआ बहुत ही हाईटेक रैली जिससे वहां के अधिकांश मुंबई वासी को मूव करने में कामयाब रहा और इस तरह से फिर मध्यप्रदेश में जो हुआ वह बहुत ही लाजवाब रहा और यह आपको जानने की जरूरत है की वाराणसी में अगर मैदान में प्रियंका गांधी रहती और मोदी जी को टक्कर देते एक बात तो साफ था कि राहुल का रंग फीका पड़ जाता इसलिए राहुल ने सोच-समझकर वाराणसी से प्रियंका को मैदान में उतारा दूसरी बात यह अगर हार जाता तो बहुत बड़ी बेइज्जती होती इस सब को सोच कर के इन्होंने प्रियंका को मना कर दिया बाद में राहुल गांधी के गुरु पित्रोदा बोलते हैं कि प्रियंका अपने मन से चुनाव नहीं लड़ा और उसका दूसरा एजेंट से बोलता है कि यह राहुल गांधी का निर्णय था अब गांधी परिवार में किस का निर्णय चलता है पता नहीं ऐसा क्यों जब चुनावी मैदान में डरते क्यों हैं हार जीत तो लगा रहता है और जब तक मोदी जी को टक्कर देने वाला कोई नहीं होगा तब तक तो कांग्रेसी गांधी परिवार तक ही सीमित रहेगा और इससे आगे जब तक नहीं निकले टक्कर देने वाले को अब सोचना पड़ेगा इसलिए इस ऐतिहासिक सो के माध्यम से पूरे हिंदुस्तान की जनता को एक सौ दिखा जा और वहां पर जिस तरह से हिंदुस्तान की सभी मीडिया को एकत्र किया और सभी मीडिया कवरेज किया और उसका पूरा प्रभाव और हिंदुस्तान पर पड़ा है और जो आगे चलकर वोट में तब्दील होने वाला है इसलिए अब आगे आने वाले निर्णय को देखा जाएगा जब रोड शो बहुत ही भव्य रहा

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

अप्रैल 26, 2019

रोम पोप का और मधेपुरा गोप का

एक बात जगजाहिर है कि रोम में पोप होता है और मधेपुरा में गोप ही सम्राट बनता है यह सदियों से आ रहा है यह मधेपुरा का इतिहास है आप इसका पूरा पृष्ठभूमि उठा लीजिए यहां पर गोप का ही शासन रहा है चुनाव या जंग के मैदान में कोई भी आ जाए लेकिन इसका मालिक यदुवंशी अर्थात गोप ही होता है बात रहा 2019 का इलेक्शन में तीन यदुवंशी भाग आजमा रहे हैं एक बात तो तय है चाहे कोई भी विजयी होगा लेकिन यहां पर सत्ता का मालिक कोई गोप यानी यदुवंशी ही होगा यह यहां का परंपरा रहा है इस इलेक्शन में कांटे की टक्कर है क्योंकि तीनों के पास अपना मजबूत वोट बैंक का आधार है एक तरफ एनडीए से जो उम्मीदवार है वह अपने को बैठे-बैठे जीतने का दावा कर रहे हैं जबकि की एक और महागठबंधन के जो उम्मीदवार हैं जो अपने को माय समीकरण का मसीहा समझता है और अपना को जितने का दावा कर रहे हैं और तीसरा जो है वह अपने को क्षेत्र का बेटा बता रहे हैं और वह हर वर्ग में अपना को वोट बैंक का हकदार मानते हैं और इतना ही नहीं बल्कि मेहनत भी घर-घर किए हैं सब दावा कर रहे हैं और इसका दावा है कि डेढ़ लाख युवाओं में कम से कम 120000 युवा हमारे साथ हैं फिर उसका फैमिली और उसके माता-पिता में जो है सब मुझे बढ़ती है इसलिए वह अपने को स्पष्ट कर रहे हैं कि मैं ही मधेपुरा का सम्राट हूं लेकिन यह बात तो आगे आने वाले समय में ही पता चल पाएगा और इसका फाइनल रिजल्ट 23 मई को आएगा और इस रिजल्ट में चाहे कोई भी हो लेकिन यहां का सम्राट यदुवंशी के ही हाथ में जाएगा और अब की बार किस करवट ऊंट लेता है यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन अब यहां के परिदृश्य को बदलना होगा युवाओं को सोचना होगा चाहे कोई भी समीकरण हो सभी समीकरण को खत्म करना होगा सिर्फ एक समीकरण लागू करना होगा वह यह कि जो इस क्षेत्र पर सम्राट बनने का ख्वाब देख रहे हैं वह विकास की गाड़ी भी ले कर के आए और उससे अगर ऐसा नहीं करेंगे तो उसको खदेड़ दिया जाएगा यह हवा के मन में जेहन में घर कर गया है यह बात सोचना पड़ेगा जबकि अभी के दौर में नेता चुनाव आने पर ही नजर आते हैं वरना कहां गायब हो जाते हैं पता नहीं दिल्ली में दिल लगाए रहते हैं और अपने क्षेत्र से बेवफाई किए रहते हैं तो ऐसे में अब सोच समझ कर ही चुनना होगा और यह अपने क्षेत्र के भविष्य का सवाल है और इसका हल युवाओं के ही पास है और इसका निर्णय हम सबों को करना होगा हम यहाँ के वासी को सोचकर  करना होगा नहीं तो विकास की गाड़ी वैसी ही पड़ी रहेगी और जनता को सब नेता चूसते रहेंगे और वोट बैंक का हथियार बनाकर के तबाह करते रहेंगे और हम सब एकता नहीं रहने के कारण तबाह होते रहेंगे और यह बात तो है चुनेंगे कोई गोप लेकिन ऐसा सुनेंगे जो हमारे क्षेत्र का हमारे गांव का हमारे समाज का हमारे बच्चे का हमारे परिवार का भविष्य को अच्छा बनाएं अच्छी दिशा में ले जाए समाज को स्वच्छ बनाएं

रविवार, 21 अप्रैल 2019

अप्रैल 21, 2019

नेता समाज में जहर घोल रहे हैं

वर्तमान की दौड़ में राजनीति की दिशा किधर जा रही है यह सबको पता है आज संप्रदायिकता समाज में एक तरह से जहर घोलने का कार्य कर रही है और जाए जहाज बनाने का कार्य आज के नेता कर रहे हैं इस तरह की मानसिकता को खत्म करना होगा और यह मानसिकता खत्म करने के लिए सभी को आगे आना होगा वर्तमान के दौर की बात करें तो सभी नेता या तो धर्म जाति लिंग रूप रंग का मुद्दा बनाते हैं और अपना किस्मत को चमका आते हैं जो कि एक तरह से समाज में जहर घोलने के समान है और यह बहुत ही खतरनाक स्टंट है इसको खत्म करना होगा इसे खत्म करने के लिए चुनाव आयोग को एक दिशा निर्देश जारी करना होगा चाहे किसी भी पार्टी का कोई लीडर हो चाहे कोई भी क्यों न हो उसे एक सीमा में बांध कर रखना होगा धर्म और सांप्रदायिकता का बात नहीं करना है इस तरह की गाइडलाइन जारी करना चाहिए और जो ऐसा करते हैं तो उसे चुनाव लड़ने नहीं दिया जाएगा उसे अयोग घोषित कर दिया जाएगा यह एक तरह से रास्ता हुआ और इस पर लगाम लगेगा और जो नेता इस तरह का बयान देते हैं उसका हम हिंदुस्तान वासी बहिष्कार करें तो अच्छा होगा वर्तमान के दौर में एक और ट्रेड ज्यादा हो रहा है सेना का अपमान और राजनीति करें इस दोनों पर अगर जो नेता बयानबाजी करते हैं उस पर भी चुनाव आयोग को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाना चाहिए और उसे कड़ी कार्रवाई का डर भी दिखाना चाहिए तब जाकर के हमारा यह लोकतंत्र सुदृढ़ होने के रास्ते पर कारगर होगा नहीं तो आज नेता समाज में जहर घोल करके अपना अमृत पी रहे हैं अपने परिवार में ऐसो आराम का जिंदगी बिता रहे हैं ऐसी प्रवृत्ति में लीन रहा करते हैं 5 साल तक अय्याशी में डूबा रहता है और जब इलेक्शन आता है उस समाज में जहर घोल ते हैं और फिर वोट लेते हैं फिर 5 साल आराम करते हैं यह वक्त है जनता को जागने का यह वक्त है समाज को बदलने का यह वक्त है देश को बदलने का वक्त है नेता बदलने का और यह कार्य कौन करेंगे तो हिंदुस्तान की हर जनता करेंगे और इसका वीरा सबसे पहले युवाओं को उठाना पड़ेगा पीछा नहीं मुड़ना है सिर्फ आगे बढ़ते जाना है इसका संदेश लेकर जाना है और मेरा एक ही कहना है युवाओं से
" हिम्मत है तो भरो  उड़ान
 क्यों बैठे कर रहा गुमान"

बुधवार, 17 अप्रैल 2019

अप्रैल 17, 2019

भारतीय राजनीति कुंठित होती जा रही है

भारतीय राजनीति में आज तरह-तरह के व्यक्तियों का बोलबाला है उसमें लूट डकैती बेईमानी करने वालों का भरमार है क्योंकि इसके पास आमदनी का जरिया बेशुमार है इसलिए वह सब अपना पॉलिटिक्स में कदम रखते हैं और चमक जाते हैं यह भारतीय राजनीति के लिए कुंठित का अवसर है यह बहुत ही विकट स्थिति है आज स्वच्छ छवि वाले राजनीति में आ नहीं सकते अगर आ भी जाए तो वह चमक नहीं सकते यह एक तरह से बहुत ही विकृत स्थिति उत्पन्न हो गई है और अधिकांश नेता उम्र दराज के हैं ऐसी प्रवृत्ति के हैं भोग विलास में डूबे हुए हैं समाज का शोषण करने वाले हैं युवाओं को रोजगार को छीनने वाले हैं अपने परिवार का भरण पोषण में बेशुमार दौलत खर्च करने वाले हैं अनेकों तरह का घोटाला करने वाले हैं काला धन को विदेश में जमा करने वाले हैं और अनेक तरह का आडंबर फैलाने वाले हैं झूठी बातों का विश्वास दिलाने वाले हैं अनेकों प्रपंच के वोट लेने वाले हैं लेकिन किसी को जनता की भावना का फिक्र नहीं है सब अपने परिवार का फिक्र करते हैं सिर्फ वोट के वक्त जनता का जिक्र करते हैं यह एक तरह से विकृत राजनीति है इस तरह की राजनीति को परिवर्तन तो करना पड़ेगा और या परिवर्तन होगा कैसे तो यह परिवर्तन भारतीय जनता के सोच में परिवर्तन के साथ ही होगा जब हिंदुस्तान की जनता मन में हर क्षेत्र हर गांव हर मोहल्ला हर जिले हर प्रखंड के जनता में यह मंशा उत्पन्न हो जाए वर्तमान में जितना भी पॉलीटिशियन है सब को खारिज किया जाए जो अच्छा है चाहे वह निर्दलीय ही क्यों ना हो चाहे वह गरीब ही क्यों न हो उस को वोट देकर के सत्ता में लाइए और भारत की राजनीति को पवित्र बनाइए और देश के विकास को आगे बढ़ाइए तब ही जाकर के यह विकृत प्रस्थिति दूर होगा नहीं तो यह भारतीयों के लिए हम सबों के लिए एक अभिशाप बन गया है जो दूर नहीं हो रहा है यह अभिशाप हम लोगों को सोच कर के कदम उठाकर के चलने से ही दूर होगा नहीं तो केवल सोच कर के आगे नहीं बढ़ेंगे या अभिशाप दिनों दिन बढ़ता ही चला जाएगा जो अभी हद तक बढ़ते जा रहा है इसको रोकना हम सभी भारतीयों का जिम्मेवारी बनता है और हम सभी भर्तियों को यह कदम उठाना पड़ेगा जब तक राजनीति में सद्विचार सदाचरण करने वाले ईमानदार देशभक्त न्याय प्रिय नहीं आएंगे तब तक यह अभिशाप खत्म नहीं होगा और इस तरह के व्यक्ति को लाना हमारा कार्य है इस तरह के व्यक्ति आएंगे तब ही हमारे राजनीति की दिशा दशा नीति में परिवर्तन आएगा और देश का भविष्य उज्जवल होगा और यह प्रयास आज के जनता को जो पूरा विश्व में अपना दखल रखता है जिस का सिक्का पूरा विश्व में चमकता है ऐसे भारतीय नागरिक होने के बावजूद भी हम लोग नहीं सोच रहे हैं हम लोगों को आप सोच कर के कदम उठाना होगा और उस तरह के पॉलीटिशियन को खारिज करना होगा जो सिर्फ अय्याशी के कारण अपना पॉलीटिशियन चमका रहे हैं और जनता को उल्लू बना रहे हैं चाहे किसी भी पार्टी का हो किसी भी दल का हो किसी भी जाति का हो किसी भी मजहब का हो किसी भी रंग का हो किसी भी रूप का हो किसी भी धर्म का हो उसको हटाना होगा न्याय प्रिय स्वच्छ छवि अच्छा आचरण ईमानदार लोकप्रिय सदाचारी सदाचारी देश भक्त को राजनीति में लाना होगा प्रदेश के छवि को स्वच्छ बनाना होगा और राजनीति को अत्यंत पवित्र करना होगा या अपने लोगों का जिम्मेवारी है आए हम सब मिलकर के ऐसे ही का चुनाव करें धन्यवाद

शनिवार, 13 अप्रैल 2019

अप्रैल 13, 2019

पॉलिटिक्स से युवा को गुरेज क्यों?

Yuva Desh Ke कर्णधार होते हैं युवा जिधर चाहता है उधर हवा बहती है जिस ओर चलते हैं उस और हवा के रुख मुड़ जाती है लेकिन फिर भी एक प्रश्न है आखिर क्या कारण है युवा आज भी पॉलिटिक्स में नहीं है इसकी संख्या नगण्य है इसमें उनकी रुचि नहीं है ऐसा क्या विपत्ति है कि पॉलिटिक्स से युवा इंटरेस्ट नहीं रख रहे हैं आपको एक बात जानकर हैरानी होगी कि देश के 65 पर्सेंट आबादी युवा हैं और इतना रहने के बावजूद भी आज उम्र दराज नेता देश को चला रहे हैं देश में वह जोश आना चाहिए वह जोश नहीं आ रहा है ऐसा क्यों क्यों हमारे देश की युवा पीढ़ी सोए हुए हैं क्यों वह नौकर बनने के पीछे भाग रहे हैं क्यों न वह भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं क्यों 9 मालिक बनने का प्रयास कर रहे हैं यह सब का एक ही उत्तर है कि बचपन से ही घर में इस तरह से परवरिश किया जाता है कि उसका मानसिकता नौकर बनने का हो जाता है अर्थात नौकरी लेने का मकसद हो जाता है नौकर बनाने का नहीं मालिक बनने का नहीं और इस मानसिकता को आज तक हमारे युवा होते आ रहे हैं कब इस मानसिकता को तोड़कर के नया इतिहास लिखेंगे नया युग की शुरुआत करेंगे आइए हम सब मिलकर के एक नया इतिहास लिखेंगे नया अध्याय जोड़े युवाओं के नाम आज अधिकांश क्षेत्र में चाहे पॉलिटिक्स छोड़ करके कोई भी सा क्षेत्र नहीं है जहां पर युवाओं का सिक्का नहीं चलता है सिक्का नहीं चमकता है तो यह जब उस क्षेत्र में शिक्का  चमक जाता है तो फिर पॉलिटिक्स में सिक्का और जनता की सोच को बदलें जनता के मुराद को पूरा करने का वीरा उठाएं यह देश की राजनीति को जो बूढ़ा बना दिया है संस्था को जो शिथिल बना दिया है उससे छुड़ाएं देश को आगे बढ़ाएं और इसके लिए जो ये क्षुद्र  मानसिकता है उसको छोड़ना पड़ेगा जब तक यह मानसिकता को नहीं छोड़ेंगे और अपना नया अध्याय के लिए नहीं सोचेंगे और अपने जो इसमें एक तरह से मानसिकता बन गया है कि हम नौकरी करें नौकर हो नौकर साह ने और यह नहीं सोचते हैं कि मालिक ही बने आज आपको एक बात पर बड़ी गौर से सोचना पड़ेगा पॉलीटिशियन के जितने भी बच्चे हैं क्या वह नौकर बनते हैं नौकरी लेना चाहते हैं वह अपना अलग क्षेत्र बना लेते हैं अनेकों कॉर्पोरेट जगत में आते हैं और उस ओर चमकते हैं और करोड़ों लाखों में अपना विरासत को बना लेते हैं चमका लेते हैं और उसके पीछे देश के लाखों युवा नौकर बनकर कार्य करते हैं आखिर ऐसा क्या आपत्ति है कि एक उच्च सोच भी हमारे देश के युवा नहीं रख रहे हैं
 केवल पॉलीटिशियन के बच्चे बूढ़े सब घी मलाई खा रहे हैं और आज तक देश के जो गरीब तबके के लोग हैं वह बराबरी तक नहीं आया है जो हमारे देश के संविधान में वर्णित किया गया है समानता और समानता अभी तक नहीं आया है इस सब का एक ही कारण है कि हमारे देश के युवा तो कहते हैं हमें जोश हैं लेकिन सच कहें तो जिस क्षेत्र में यह जोश को लगाना चाहिए उधर ने लगाते हैं और दूसरी ओर लगा कर के अपना होश खो बैठते और इसलिए आज अपने देश का यह हालत है फिर भी जो हुआ सो हुआ अब इस मन संकीर्ण मानसिकता से उठकर के नई इबारत लिखना होगा आगे बढ़ना होगा और नई इतिहास बनाना होगा नया अध्याय जोड़ना होगा इसलिए
" युवाओं को आओ मर्द बनो"
" देश का हमदर्द बनो"
अप्रैल 13, 2019

हिन्दुस्तानी नेता बहुत प्रभावशाली होते हैं

आज आप लोग पत्र-पत्रिका के संपर्क में सभी रहते हैं अगर इससे में अगर आप चूक जाते हैं तो आज सबके घर में मोबाइल है उसमें भी स्मार्ट फोन में टच वाला उसमें हर कोई व्यक्ति चाहे यूट्यूब के माध्यम से हो चाहे न्यूज़ एप के माध्यम से हो समाचार देखते रहते हैं सुनते रहते हैं उसमें भी खास करके पॉलीटिशियन के बारे में कुछ ज्यादा सुनने को मिल ही जाता है आज इसी क्रम में हम लोग जानेंगे हिंदुस्तान के प्रतिभाशाली प्रभावशाली नेता के चरित्र और लक्षण के बारे में आप सबसे पुरानी पार्टी को ले लीजिए और उसके बाद जितना भी पार्टी बना है सभी के दल को ले लीजिए आज जितने भी नेता है उसमें अधिकांश क्रिमिनल केस है अधिकांश पर अनेकों योन उत्पीड़न केशो का इल्जाम लगा हुआ है अनेकों प्रॉपर्टी पर इल्जाम लगा हुआ को कब्जा किया हुआ है और यहां तक की अनेकों केस को भी रफा-दफा कर के बैठ गए हैं धमकी देने वाले में तो नाम सबसे पहले आता है और ऐसे व्यक्ति ही आज बरे बरे पोस्ट और नेतागिरी करने में माहिर हैं हो भी क्यों ना क्योंकि ऐसे ही व्यक्ति का बात सुना जाता है और उसके ही बात से बहकावे से लोग प्रभाव में आ करके उन्हें वोट भी देते हैं आज आपको एक बात बता देते हैं कि सिर्फ इलेक्शन के समय में जितना नेता को वक्त मिलता है जनता के सामने पेश होने का केस होता है हुजूरी बजाता है और जैसे ही चुनाव का माहौल खत्म हो जाता है चुनाव का मौसम गायब हो जाता है वैसे ही नेता सब गायब हो जाते हैं फिर कहां जाता है पता नहीं किस कंदरा में डूब जाता है पता नहीं कभी भी जनता से बात करते हुए मुखातिब होते हुए भविष्य में सुनने के लिए मिलता है नहीं तो अधिकांश सिर्फ देवता की तरह दर्शन देते हैं टीवी पर उसमें पत्र-पत्रिका के माध्यम से कुछ ज्यादा ही मिल जाता है और ऐसे ही नेता का गुणगान हम सभी करते हैं कि यह अच्छा है वह अच्छा है लेकिन आज देश की एक विडंबना है कि अधिकांश चाहे सांसद हो विधायक हो या एमएलए एमएलसी कोई भी हो सब ऐसी प्रवृत्ति में डूबे हुए हैं करोड़ों अरबों का घोटाला किए हुए हैं और ऐसे ही नेता आज अनेकों मंत्री और मंत्रिमंडल में शामिल है ऐसे ही नेता को अधिक तवज्जो दिया जाता है जिस पर ज्यादा भ्रष्टाचार का इल्जाम लगा हुआ हो ज्यादा क्रिमिनल केस हो और अनेकों प्रॉपर्टी के आए हुए उसका हाथ हो अगर इस टाइप के नेता आते हैं तो उसको ज्यादा मान सम्मान मिलता है यहां तक कि समाज में मान सम्मान मिलता है यह तो हुआ कॉमन बात बात करते हैं कि यह हमारे लिए और अन्य देश के लिए प्रभावशाली कैसे हैं यह अपने रुपया को पानी की तरह बहा देते हैं जिसमें में टीवी चैनल पर अपना विज्ञापन देने में अनेकों हथकंडा अपनाते हैं जिसका उसका प्रचार प्रसार अधिक से अधिक मात्रा में हो सके और यह रुपया जनता में नहीं बैठते हैं नहीं देते हैं जबकि यह जितना भी रुपया वह पानी की तरह आते हैं सब जनता के खून पसीने का पैसा होता है और वह कालाबाजारी करके अपने जेब में जमा कर लेते हैं और अपने अय्याशी के लिए पानी की तरह बहा देते हैं और यहां तक की जब जनता टीवी पर देखते हैं तो खुशी-खुशी घूमते हैं और यहां तक कि का बढ़ते हैं यह हमारे पार्टी के नेता है वह हमारे पार्टी के नेता है लेकिन हकीकत उसका प्रॉपर बात पर गौर नहीं करते हैं कि उस पर अनेकों क्रिमिनल केस हैं अनेकों दफा है अनेकों घोटाला किए हैं और यह सब को भूल जाते हैं क्योंकि यह आज हमारे समाज में एक तरह से ऐसा मानसिकता बन गया है कुछ पल के लिए सोचते हैं लेकिन असली बात उसके जो हवाबाजी हैं उस पर गौर करते हैं आज हमारे देश के बहुत से नेता है जिस पर अनेकों तरह का केस है फिर भी उनको चाहे देश में हो चाहे विदेश में हो उसके प्रभाव के कारण टीवी चैनल पर अपना विज्ञापन देने के कारण लोग उसके बहकावे में आ जाते हैं बड़ी-बड़ी संस्था भी बहकावे में आ जाते हैं और उसको पुरस्कार भी दे देते हैं अनेकों पुरस्कार आज इसका उदाहरण है एक तरह से कह सकते हैं कि आज जो व्यक्ति अपना पैसा टीवी चैनल पर अपना प्रचार प्रसार के लिए पानी की तरह बहा देते हैं और जनता के सामने जिसका ज्यादा प्रचार-प्रसार होता है वही बहुत अच्छा नेता साबित हो रहा है और इतना ही नहीं उसे ही ज्यादा सम्मान दिया जाता है लेकिन उसका व्यक्तित्व क्या है इसको आज नकार रहे हैं और इसी नकारने के कारण उसको अनेकों तरह का पुरस्कार दिया जा रहा है अगर उसके पूरे व्यक्तित्व पर गौर करके उसके सामाजिक रीति नीति पर गौर करके कुछ भी किया जाए तो आज जितने भी सांसद विधायक एमएलए एमएलसी मंत्री पोस्ट पर कोई भी हो सब को जेल के पीछे हवा खाना पड़ेगा और यह होगा भी नहीं क्योंकि आज की जनता अगर कोई निष्पक्ष या निर्दलीय उम्मीदवार उतारते हैं या उतरते हैं तो उसे कोई तवज्जो नहीं देते हैं और जब तक यह तवज्जो नहीं देंगे तब तक देश का भला नहीं होगा और इसी तरह घोटालेबाज भ्रष्टाचारी कालाबाजारी सत्ता में आते रहेंगे जाते रहेंगे और अपना अय्याशी करते रहेंगे और यह भोली भाली जनता मुंह देखते देखते उसका अपना गाल थपथपाते थपथपाते रह जाएंगे और कुछ नहीं मिल पाएगा सिर्फ नमक रोटी से ही गुजारा करना पड़ेगा इसलिए आज के नेता को पहचानना होगा उसके व्यक्तित्व को जानना होगा उसके बाद वोट डालना होगा तब जाकर के इस तरह के भ्रष्टाचारी अन्याय वादी नेता से छुटकारा मिलेगा तब जाकर देश का कल्याण होगा यह जो कह रहे हैं सिर्फ पढ़ने के लायक बात है करने के लिए एक परसेंट भी कोई नहीं है और सहमत भी नहीं होंगे क्योंकि उसके पास नहीं पैसा होगा नहीं कोई बलबूते होगा इसलिए उसका कोई शोहरत भी नहीं होगा और उसे कोई उतना अपना तवज्जो भी नहीं देंगे क्योंकि उसको लत लग गया है बरे बरे वादा करने वाले मुद्दा उठाने वाले और अगर ऐसा होता ही रहेगा तो हमारे देश में ऐसे ही प्रभावशाली नेता पैदा होते रहेंगे और वादा करते रहेंगे जीतकर वादा भुलाते रहेंगे और कभी भी देश का भला होगा यह तो संभव है लेकिन ऐसे नेता को पुरस्कार मिलेगा क्षेत्र पर जिला स्तर पर राज्य स्तर पर देश स्तर पर राष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्योंकि हम तो इतना आदि हो गये है कि कुछ सोचे समझे वोट  करते रहेंगे और देश में प्रभावशाली नेता पैदा होते रहेंगे ।आज के युवा को इस तरह की मानसिकता को खत्म करना होगा ।और युवा ही माहौल बदल सकते हैं ।

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

अप्रैल 12, 2019

मोदी देश के सुपर हीरो और आयरन मैन है

 जिस तरह से पूरा विश्व में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है और हमारा हिंदू संस्कृति हिंदुस्तान की पहचान योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस घोषित करवाना यह बहुत ही गौरव की बात है इसके साथ साथ अनेकों देशों के साथ मधुर संबंध बनाना यह भी एक अचूक बात है इतना ही नहीं देश के हर वर्ग हिंदू तो हिंदू ही है इसके अलावा मुस्लिम गरिमा को ख्याल रखते हुए इस बहुलता वाले देश में सबको साथ लेकर कार्य करना कितना मुश्किल होता है वह भी कार्य में तत्पर हैं यह सब करने पर भी अनेकों तरह के मुश्किलों का सामना करने में हमेशा तत्पर है आज आप लोगों को उस शख्स के बारे में बताने के लिए जा रहा हूं जिन्होंने पूरा विश्व में देश का अर्थात हिंदुस्तान का डंका बजाया है और पूरा विश्व को हिंदुस्तान के प्रति सम्मान देने का भाव पैदा किया है और आज पूरा विश्व हिंदुस्तान का जय गान कर रहा है इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसी के उपलक्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी घोषित किया वैसे जून को और अनेकों परिवर्तन जो देश स्तर पर बहुत ही सराहनीय कार्य है यह देश स्तर पर ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक तरह से सफलता का प्रतीक साबित हो रहा है नीति में भी अनेक तरह के बदलाव का नजरिया नजर आ रहा है पहले सिर्फ सोचा जाने का बात आता था लेकिन अब किया और हुआ जाने का बात सुनने में आता है बहुत फर्क है आज हमें अपने देश हिंदुस्तान का नाम पूरा विश्व में सुनने पर सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है यह आखिर किसके नेतृत्व में हुआ आप समझ गए होंगे आपके मन में इसका उत्तर आ गया ही होगा व्वे सक्स वही है जिसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने अर्थ अवार्ड दिए और सियोल दक्षिण कोरिया ने दिए अफगानिस्तान ने अपना राष्ट्रीय अवार्ड दिए सऊदी अरब यूएई ने भी अपना राष्ट्रीय अवार्ड दिए अब बात रहा उसका भी रुस ने भी अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की है अब आपको यह बात सुनकर के ही आपका सीना और चौड़ा हो गया होगा यह काम करने वाला कोई सुपरमैन आयरन मैन ही हो सकता है जो देश को कर्मठ बनाया हो और हर एक कार्य में तत्परता दिखाते हो यह कोई और नहीं सुपरमैन और आयरन में यह हमारे देश के माननीय नरेंद्र मोदी जी हैं जिससे पूरा हिंदुस्तान ही नहीं पूरा विश्व में ही मान लिया है कि यह एक सुपरमैन और आयरन मैन है जो अपने कालखंड में वह सब कार्य किए जिसको पूरा विश्व सलाम करता है और पूरा विश्व उसके सामने नतमस्तक हैं यह आलेख एक तरह से देश के हर नौजवान को जोश भरने का कार्य करेगा क्योंकि यह इसमें अनेकों प्रेरणास्रोत वाला बात है जो हमारे देश के लिए गौरव गाथा की बात है इसलिए हम देशवासी फिल्म में सुपरमैन आयरन मैन देखा करते हैं लेकिन आज हमारे देश को सुपरमैन और आयरन मैन साक्षात नरेंद्र मोदी जी है अब बात रहा चाहे सत्ता किसी का भी रहे आए जाए यह तो लगा रहता है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि कौन ऐसा व्यक्ति हिंदुस्तान का गौरव गाथा को पूरा विश्व में पहला या डंका बजाया और पूरा विश्व को नतमस्तक किया हिंदुस्तान के सामने तो इसका साफ-साफ उत्तर आएगा नरेंद्र मोदी अब चाहे यह रहे सत्ता में या नहीं रहे यह तो राजनीतिक बात है लेकिन सच्ची बात अच्छी बात यह है कि अगर इतिहास में या वर्तमान में चर्चा की बात आएगा या आता है तो सुपरमैन आयरन मैन कोई और नहीं वह देश के पीएम नरेंद्र मोदी है और इसका यह गाथा युग युगांतर में गाया जाएगा क्योंकि उन्होंने ऐसा करके दिखा दिया और पूरा विश्व को गले लगाकर भी दिखा दिया कि हिंदुस्तान में वह ताकत है वह जज्बा है जो हर कार्य को कर सकता है और दुनिया को मानने के लिए मजबूर भी कर दिया और दुनिया मानता भी है और दुनिया मानने के लिए मजबूर भी हुआ यह कौन किया यह सब जानते हैं इसलिए एयर मैन और सुपरमैन पावर मैन देश का जरूरत है चाहे कोई भी आए लेकिन देश को जरूरत है आयरन मैन सुपर मैन पावर मैन की इसलिए हमें ऐसे तलाश आगे जारी रहे। 

धन्यवाद!!

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

अप्रैल 10, 2019

ना मोदी में चमक है ना राहुल में दमक है

प्रायः सबके जुबान से एक बात सुनने में आता है की मोदी में कोई जादू है कोई चमक है
 और वर्तमान परिस्थिति में अनेकों के मुंह पर जुबान पर यही रहता है राहुल में दमक हैं
 लेकिन आप लोगों को तथ्य के आधार पर समझा देने का प्रयास करूंगा कि ना ही मोदी में चमक है और ना ही राहुल में कोई दमक है
 दोनों में सिर्फ मुद्दे का चमक और दमक है आपको 2014 की घटना की ओर ले जाता हूं उस समय देश में चारों ओर भ्रष्टाचार कालाबाजारी जैसा मुद्दा देश में छाया हुआ था और यह मुद्दा से देश पूरा छुब्ध था और सरकार परिवर्तित करना चाहता था और देश को सिर्फ एक नए चेहरा का जरूरत था क्यों जो कि यह कालाबाजारी और भ्रष्टाचार को खत्म कर सके तो ऐसे में एक चेहरा नजर आया वह था मोदी और भ्रष्टाचार और कालाबाजारी का मुद्दा ही एक तरह से चमक है जिसके सवारी करके मोदी जी प्रधानमंत्री बन गए अब बात करते हैं 2017 की 2017 में वहीं मोदी जी जब अनेकों जगह जाकर प्रचार करते हैं अपनी व्यथा को भी जनता के सामने प्रकट करते हैं लेकिन फिर भी जनता उस पर इतना विश्वास नहीं कर रहे हैं क्योंकि अब इससे भी धीरे-धीरे छुब्ध हो गए हैं क्षुब्ध होने का एक ही कारण है कि उसका जो विश्वास था उतना पूरा नहीं हो पाया इसलिए मोदी जी कोई भी भावनात्मक बात बोले जनता उसे स्वीकार ने के लिए तैयार नहीं है और इसका नजारा आपको शायद गुजरात में देखने के लिए मिला होगा अब बात करते हैं राहुल जी की जब 2014 में नए चेहरे की तलाश में देश था और नया चेहरा के रूप में मोदी मिल गया तो विपक्ष में मोदी ही था और अनेक तरह से अपना वक्तव्य  आप को दिए और जनता को लगा अरे मोदी में तो करिश्मा है मोदी में तो चमक है लेकिन उसमें चमक नहीं था ऐसा मुद्दा था और जनता उसको हटाना चाहते थे अब बात राहुल जी की आज वर्तमान परिस्थिति में देश की जनता कि एक ही सोच है रोजगार की कमी है और इसको पूरा कौन करे तो इससे तो सरकार हैं उसके प्रति रोष तो जरूर है लेकिन उतना नहीं जितना रहना चाहिए फिर भी मुद्दा मुद्दा होता है उस मुद्दा की सवारी आज राहुल जी कर रहे हैं तो लोग आज कहते हैं राहुल में दमक हैं जबकि ऐसा नहीं चाहे चमक हो चाहे दमक हो वह सिर्फ मुद्दा में होता है उस तरह का विश्लेषण में में होता है और उस सिचुएशन को जो भली भांति चला लेते हैं उसका सवारी कर लेते हैं तो वह उसका गुण ले बैठते हैं और उसी को कहा जाता है कि उसमें वह चमक है या वो दमक है जबकि असल बात यह है ना ही मोदी में चमक है ना ही राहुल में दमक है यह तो सोच सोच का फर्क है असली तो मुद्दे का बात है।

“O Romeo” Movie Review & Story Breakdown – A Fresh Romantic Drama for Today’s Audience

Indian cinema continues to experiment with youth-centric love stories, and O Romeo is one such film that brings a blend of romance, modern...