यहां पर आप को दुनिया का सबसे शानदार और रोचक तथ्य के बारे में बताया जाएगा और हिंदुस्तान के अलावा पूरा विश्व के बारे में

मेरे बारे में

Breaking

शनिवार, 6 जनवरी 2018

मैं हूं वृक्ष

मैं हूं वृक्ष
सदा सहता हूं दुख
मेरे दिल में है दया
देता हूं सबको छाया
अपने पत्तों को रखता हूं हरा-भरा
इसलिए संसार लगता है सुनहरा
प्राण वायु करता हूं दान
फिर भी नर ना करता मान
हमसे ही है जीवन सार
नर काटता जा रहा हमको यार
अब हम जाऊं किधर
सब जगह काट रहा हमारा धर
मेरा हो गया जीना दूभर
सहायता मांग रहा हूं नर
हम बात करता हूं यारी की
प्रहार न करो कुल्हाड़ी की
तरुण एक है तुमसे आस
बचा लो मेरा जीवन श्वास

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

kumartarunyadav673@gmail.com

“O Romeo” Movie Review & Story Breakdown – A Fresh Romantic Drama for Today’s Audience

Indian cinema continues to experiment with youth-centric love stories, and O Romeo is one such film that brings a blend of romance, modern...