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बुधवार, 29 मई 2019

बिहार में युवा की उपेक्षा कब तक

एक बात पर अब सबको विचार करना होगा की बिहार की विकास की यात्रा में सब भागीदार हो कैसे बिहार में युवा की उपेक्षा कब तक जारी रहेगी आप आज अनेकों प्रतिष्ठान को देख लीजिए सभी जगह उम्र दराज बैठे हुए हैं युवा को कहीं भी तवज्जो नहीं दिया जा रहा है जबकि युवा के पास अनेकों तरह का प्रतिभा विद्यमान है लेकिन पुराने ख्यालात के बुजुर्ग लोग आज भी अपना मुंह को नहीं छोड़ना चाहते हैं बात करें राजनीतिक तो आज बिहार के अधिकांश पार्टी में बुजुर्गों का ही कब्जा है युवा को नाममात्र चिन्ह के रूप में दिखाया जाता है और कोई तवज्जो नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण आज बिहार की युवा मुख्यधारा से काफी पीछे हैं चाहे वह रोजगार के मामले में हो चाहे विकास के मामले में हो जाए आत्मनिर्भरता के मामले में हो इन सब के कारण आज के अय्याशी प्रवृत्ति के जो व्यक्ति सत्ता में बैठे हैं उसके कारण हो रहा है आखिर इस तरह की समस्या का हल कब होगा इस इलेक्शन में एक बात तो साफ हो गया कि एक तरह से निर्णायक भूमिका अब युवा भी निभा रहे हैं जब युवा अपना प्रतिभा दिखा रहे हैं तो फिर उसकी अपेक्षा क्यों किया जा रहा है क्यों नहीं सभी राजनीतिक पार्टी युवा को प्रोत्साहित कर रहे हैं जबकि युवा को एक वोट का जरिया बना करके फिर बेरोजगारी में धकेल दिया जाता है ऐसा क्यों आज के बिहार के युवा को इस तथ्य पर मंथन करना पड़ेगा कि क्या मैं केवल वोट बैंक तक ही सीमित रहूंगा क्या मैं एक छोटे कुए की अंदर मेंढक की तरह सुमित रहूंगा इससे आगे कैसे बढे इसके लिए तो कोई अलग से तर्क तो सोचना पड़ेगा अगर नहीं सोचते हैं तो यह आज की वर्ण व्यवस्था आज की पॉलीटिकल बस था आज की शिक्षा व्यवस्था आज की प्रतियोगिता व्यवस्था सब जगह बुजुर्गों ने पुराने ख्यालात के निर्वाहन को निभाते चले आ रहे हैं इससे कैसे आगे बढ़ा जाए आज पूरा विश्व आधुनिक दौर से गुजर रहा है आधुनिक तकनीक से गुजर रहा है आधुनिक विकास की ओर अग्रसर है तो फिर बिहार में युवाओं की अपेक्षा कब तक होगी इसकी उपेक्षा कब तक होती रहेगी और इसके लिए जिम्मेवार कौन हैं और इसके जिम्मेवार को कैसे बदला जाए इन सब बातों को एक ही लोग समझ सकते हैं वह आज के बिहारी युवा और उसको अब आप मंथन करना होगा कि क्या बिहार के हर परिदृश्य में हर परिक्षेत्र में क्या पुराने ख्यालात के विचार वालों का ही कब्जा रहेगा अब उससे अपना अधिकार मांगना नहीं छीन ना होगा और युवाओं को आगे बढ़ना होगा अगर शिथिलता के कारण बैठे रहेंगे तो बिहार में हक मिलने वाला जिस तरह से इलेक्शन में युवा अपने सोच के अनुसार सरकार चुनने में अहम भूमिका निभाते हैं उसी तरह अवसर कार में बैठ कर के देश को आगे बढ़ाने का कार्य करना होगा और पुराने ख्यालात वाले व्यक्ति को पुराने जगह पर लौट आना होगा सम्मान सहित और नए ख्यालात का स्वर आगे की ओर थिंकिंग करना होगा इन सबके लिए आज बिहार की युवा को दृढ़ इच्छाशक्ति और पहुंच और धान की बड़ी आवश्यकता है इसलिए युवाओं को एक अलग संगठन बनाकर के और बिहार के राजनीति में अपना हक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ें और पुराने क्षेत्र को खाली कराएं तभी जाकर के बिहार में युवा की उपेक्षा जो हो रही है वह खत्म होगी और नए नए रोजगार उत्पन्न होंगे और हर घर रोजगार होगा सभी शिक्षित होंगे सभी सकुशल रहेंगे और समाज उन्नति करेगा बिहार उन्नति करेगा अगर बिहार उन्नति किया तो देश में बिहार का नाम रोशन होगा और फिर देश का भी नाम रोशन होगा

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